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Current Gk Notes 13th Oct 2019

JNU से पढ़े अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी डुफलो और माइकल क्रेमर को मिला अर्थशास्त्र का नोबेल

इकोनॉमिक साइंसेस (Economic Sciences) के नोबेल प्राइज़ (Nobel Price) की घोषणा हो गई है । इस साल अर्थशास्त्र का नोबेल अभिजीत बनर्जी, एस्टर डुफलो और माइकल क्रेमर को दिया गया है । इन तीनों को ये पुरस्कार वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रयोगात्मक दृष्टिकोण देने के लिए दिया गया है ।

कोलकाता में जन्मे अभिजीत बनर्जी अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं । वह वर्तमान में एमआईटी में फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं । बनर्जी अब्दुल लतीफ जमील पोवर्टी एक्शन लैब में एस्टर डुफलो और सेंधिल मुल्लईनाथन के साथ को-फाउंडर हैं । ये इनोवेशन ऑफ़ पॉवर्टी एक्शन और ये कंसोर्टियम फ़ॉर फ़ाइनेंशियल सिस्टम्स एंड पॉवर्टी के सदस्य भी हैं ।

बनर्जी ने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) से इकोनॉमिक्स से एमए किया है । उन्होंने 1988 में अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय (Harvard University) से पीएचडी की ।


वैज्ञानिकों को केमिस्ट्री का नोबेल, लिथियम बैटरी पर काम के लिए मिला सम्मान

यह सम्मान संयुक्त रूप से तीन वैज्ञानिकों को दिया गया हैजॉन गुडइनफ, एम स्टैनली विथिंगम और अकिरा योशिनो को नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया है

· गुडइनफ, स्टैनली विथिंगम और योशिनो को नोबेल पुरस्कार

· इनमें दो वैज्ञानिक अमेरिका के और एक जापान के हैं

ये पुरस्कार लिथियम आयन बैटरी के विकास के लिए दिया गया है ।

लिथियम आयन बैटरी को एक क्रांतिकारी शोध माना जाता है जिसका उपयोग आजकल मोबाइल और लैपटॉप से लेकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों में हो रहा है । यह बैटरी सुरक्षित होने के साथ साथ काफी हल्की भी होती है । इसका रखरखाव भी काफी आसान है । इस बैटरी को वैज्ञानिक जीवाश्म इंधन से छुटकारा दिलाने में बड़ा फैक्टर मान रहे हैं ।

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